टेस्ट क्रिकेट का प्रारूप कैसे काम करता है
टेस्ट मैच में दोनों टीमें दो-दो पारियाँ खेलती हैं। पहली पारी में जो टीम टॉस जीतती है, वह बल्लेबाज़ी या गेंदबाज़ी चुनती है। हर पारी तब तक चलती है जब तक दस विकेट न गिर जाएँ। पाँचवें दिन के अंत तक अगर नतीजा नहीं निकला तो मैच ड्रॉ घोषित होता है। मुंबई के क्रिकेट प्रशंसक इस प्रारूप की गहराई को खूब पहचानते
हैं — यहाँ पिच का व्यवहार, मौसम और बल्लेबाज़ की तकनीक तीनों एक साथ भूमिका निभाते हैं। इस पेज पर दी गई हर जानकारी केवल शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है; किसी दांव, जमा या नकद निकासी का दावा नहीं किया जाता।